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(Online)

S.V. Dobriyal

Born on February 6, 1956
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S.V. Dobriyal
पैबंद लगाना.
ताओ उवाच-
जब महान ईश्वर का विस्मरण होता है,तब लोक परोपकारिता और पडोसी धर्म की ओर मुड़ते हैं.जब ज्ञान की प्रतिष्ठा बढती है,तो दुनिया में ढोंगियों कीबाढ़ आ जाती है.जब कौटुम्बिक बंधन तोड़े जाते ह...
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S.V. Dobriyal
S.V. Dobriyal
सीधा और सरल धर्म.
ताओ उवाच-
जिन पूर्वजों ने ईश्वर का अनुसरण/आचारण किया,उन्होंने उसका उपयोग लोगों को चालाक बनाने केलिए नहीं बल्कि सरल और स्वाभाविक बनाने केलिए ही किया.लोगों पर शासन करने में सबसे बड़ी कठिन...
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तीन मूल्यवान वस्तुएँ.
ताओ उवाच-
सारा जगत स्वीकार करता है और प्रतिज्ञा पूर्वक बतलाता है कि मेरा ताओ (दिव्य )मार्ग श्रेष्ठ अवश्य है पर है व्यर्थ. जिस कारण वह ऐसा व्यर्थ मालूम पड़ता है,वही उसकी श्रेष्ठता है...
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पीछे रहना.
ताओ उवाच-
समुद्र और बड़ी बड़ी नदियों में सभी नदी नालों का पानी इसलिए आ मिलता है कि वे गहरे होते है,यही उनकी श्रेष्ठता का मूल है.
इसी तरह लोगों पर शासन करने का इच्छुक तत्वदर्शी स्वयं को उनसे निम्...
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mannu gailakoti
happy Wednesday.....
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S.V. Dobriyal
कर्म स्वातन्त्र्य.
ताओ उवाच-
जिसका धैर्य साहस में प्रकट होता है,वह शीघ्र ही मरण को प्राप्त होता है.
जिसका धैर्य आत्मसंयम में व्यक्त होता है,वह सुरक्षित रहता है.
इस तरह धैर्य दो तरह का है, ईष्ट और अनिष्ट.
इ...
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सत्य स्वीकार.
ताओ उवाच-
पृथ्वी पर पानी सा सौम्य और नम्र दूसरा नहीं,किन्तु कठोर और मजबूत वस्तु को गलाने-घिसाने में भी उसके जैसा कोई नहीं. यह निसंदिग्ध है, इसमें विकल्प के लिए कोई अवकाश नहीं.
दुनिया जानती...
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दिव्य ताओ.
दिव्य ताओ की स्थिति नौसिखिए शिकारी के धनुष के झुकने जैसी है.
वह ऊपर वाले को नीचे खींचता है, और नीचे वाले को ऊपर उठता है.
जहाँ अधिकता हो, वहाँ से वह निकाल लेता है और जहाँ कमी हो वहाँ पूरी करता ह...
S.V. Dobriyal
Yes, yes you are right. This sweet wraped in Maalu leaves is really a tasty sweet. Once I went to New Tehri, and in the route inbetween Narendranagar & Tehi, there was a tea shop where I enjoyed this ...
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