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!!!!!!!!!! सूरज न बन पाये तो बनके दीपक जलता चल !!!!!!..... !!!!!!!!!! फूल मिले ये अंगारे, सच की राहों पर चलता चल !!!!!!!!!!!,
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Male 29 years old Ruderpryag / Punjab India Profile Views: 4868
    [ 4074 ]
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| DISTRICT IN UTTARAKHAND: |
Rudraprayad |
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21/11/2008 11:01:16 |
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जीवन मा खुशी ता बहुत छन !!
बस वों ते देखन वाली नजर चेंदी !!
हंसदा रवा हर गम मा भी !!
जीवन मा सच्ची जीत अगर चेंदी !!
कट जांदा हर मुश्किल बाटा भी आसानी सी !!
बस तुम्हारा दिल मा खुशियों की बसर चेंदी !!
अब यूँ चंद लाइन पढ़ी की जरा हँसी दियां दोस्तों !!
किले की " पुष्कर " ते अपड़ी दुआ मा असर चेंदू !!
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सोचना पड़ेगा.....इस बारे में.......
मुझे कहानी और ऐसे किताबें पसंद हैं..जिनमे अच्छी अच्छी जानकारी हो....
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फिल्मों का बार मा क्या बोन....
मै ते हिन्दी मै ता पारवारिक और हँसी मजाक वाली भली लगदी....
और गढ़वाली मा.............
१ घर्जवें
२ बेटी ब्वारी
३ बंटवारु
४ कौथिग
और मै ते याद नी आणी......वनी भी मै फ़िल्म कम ही देख्दु.....कभी साल छ महिना मा देखली ता बस....
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हई तेरी रूमाला ....गुलाबी मुखडी.....2 ..
के भली छजी रे .. नाख की नथुली
हई के भली छजी रे नाख की नथुली ..
गावे गावे बंद हाथ की धौगुली...2
चम् चामे चम्की रे ख्वारी की बिंदुली....2
हई तेरी रूमाला ....गुलाबी मुखडी .
तेरी गावे जंजीर नखे की बेसरा ....2
हिती छे खासेले पाती कमर ..2
हई तेरी रूमाला ...हई तेरी रूमाला ....गुलाबी मुखडी .
नौ पते घाघरी बखिया अंगारी....2
के भली छजी रे रंगीली पिछोडी ..2
हई तेरी रूमाला ...हई तेरी रूमाला ....गुलाबी मुखडी
जो जस देई देणु ह्वे जैइ ...२
देशु मा को देशा मेरु गढ़ देशा हो
हो .............ओ ......................
मेरा गढ़ देशा हो
बद्री -केदार भी तेरा जस गादन
पंच नाम देवता भी त्वे सेवा लादन
देवतों को देशा हे मेरा गढ़ देशा हो
हों ................ओ....................
मेरा गढ़ देशा हो ........जो जस .......................
यखी हवे माधो भंडारी ,तीलू रोतेली सी नारी -२
गढ़ का सपूत हवेनी ,यखी हुणों का जितारी
वीरो ...को देशा हे मेरा गढ़ देशा हो .....
हों ................ओ....................
मेरा गढ़ देशा हो ...........जो जस
भरी दे अनाज कोठार ,अन्न धन का भंडार
सुखी -शान्ति भरपूर ,राखी गंगा वार -पार
गंगा जी को देशा रे मेरा गढ़ देशा हो ..
हों ................ओ....................
मेरा गढ़ देशा हो .................जो जस...........
सुखी -दुखी जखी रोला त्वे थे नि बिसरोला
तेरु मान सम्मान तेरा गीतों गुंजोला
देशु -प्रदेशा हो ,मेरा गढ़ देशा हो
हों ................ओ....................
मेरा गढ़ देशा हो .................
जो जस
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मेरा औन से हर्ष हो के त होलेयो
मेरा औन से हर्ष हो के त होलेयो
ना हो मेरा जाना कु दुःख के ना हो -दुःख के ना हो ,
मेरा सुख माँ हैसना न्युतु सभी ,
मेरा दुःख मा रोना कु हक के ना हो -हक के ना हो .
मेरा औन से .................
मुलक हो परायु - मुलक हो परायु ,
ख़ुद हो तुमरी - ख़ुद हो तुमरी ,
पीड़ा हो की जो आज तक सह ना हो - आज तक सह ना हो ,
मेरा औन से ..................
बडुलीयूं मा रैबार -बडुलीयुं मा रैबार ,
भेजी नी एनी - भेजी नी एनी ,
क्या सुपिनियु मा औना कु बगत रे ना हो - बगत रे ना हो ,
मेरा औन से .................
कख अल्झी खुटी वो - कख अल्झी खुटी वो ,
कीले नी बोदी होली - कीले नी बोदी होली ,
कखी सौन्गेला बाटो ला भक्ले ना हो - भक्ले ना हो ,
मेरा औन से ..................
जवानी माटू ह्वेगे - जवानी माटू ह्वेगे
दुंगु हवे प्राण - धुंगु हवे प्राण ,
कभी सुख ऐजा त राग्रै ना हो - राग्रै ना हो ,
मेरा औन से ...................
!! ख़ुद को इस दिल में बसाने की इजाज़त दे दो !!
!! मुझको तुम अपना बनाने की इजाज़त दे दो !!
!! तुम मेरी जिंदगी का एक हसीं लम्हा हो !!
!! फूलों से ख़ुद को सजाने की इजाज़त दे दो !!
!! मैं कितना चाहता हूँ किस तरह बताऊँ तुम्हे !!
!! मुझे ये आज बताने की इजाज़त दे दो !!
!! तुम्हारी रात सी जुल्फों में चाँद सा चेहरा !!
!! मुझे यह शाम सजाने की इजाज़त दे दो !!
!! मुझे क़ैद कर लो अपने इश्क में !!
!! ये जान तुम पे लुटाने की इजाज़त दे दो !!
!! नही है शौक उसको भूलने का मगर !!
!! मुझे ये दुनिया भूलने की इजाज़त दे दो !!
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बन सहारा बे -सहारों के लीये
बन कीनारा बे -किनारों के लीये
जो जीए अपने लीये तो कया जीए
जी सके तो जी हजारो के लीये
परींदों को मंजिलें मीलेंगी यकीनन ,
ये फैले हुए उनके पंख बोलते हैं
वो लोग रहते हैं खामोश अक्सर ,
ज़माने में जिनके हुनर बोलते हैं .
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दोस्तों से है ......
खुशी भी दोस्तों से है गम भी दोस्तों से है
तकरार भी दोस्तों से है प्यार भी दोस्तों से है
रूठना भी दोस्तों से है मानना भी दोस्तों से है
बात भी दोस्तों से है मिसाल भी दोस्तों से है
नशा भी दोस्तों से है शाम भी दोस्तों से है
ज़िंदगी की सुरवात भी दोस्तों से है
ज़िंदगी में मुलाकात भी दोस्तों से है
मोहब्बत भी दोस्तों से है इनायत भी दोस्तों से है
काम भी दोस्तों से है नाम भी दोस्तों से है
ख्याल भी दोस्तों से है अरमान भी दोस्तों से है
ख्वाब भी दोस्तों से है माहोल भी दोस्तों से है
यादें भी दोस्तों से है मुलाकातें भी दोस्तों से है
सपने भी दोस्तों से है अपने भी दोस्तों से है
या यूँ कहूं यारो अपनी तो दुनिया ही दोस्तों से है ...
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