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***बिनम्रता अच्छे परवारिश की पहचान है***
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Male 23 years old Tehri Garhwal/ Gurgaon India Profile Views: 3996
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| DISTRICT IN UTTARAKHAND: |
Tehri Garhwal |
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07/09/2008 12:11:15 |
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मैए तय क्रिकेट बहुत पसंद च...और नए नए लोगो से मिलना और दोस्तों से बात करना अच्छा लगता है.
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खाने से संभदित कोई भी किताब.
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शोले, बोर्डर, मुन्ना भाई एम् बी बी एश. बागवान, विवाह,
और गढ़वाली म. चक्रचाल. घना भाई एम् बी बी एश.
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मै तय पुरांड हिन्दी गाना बहुत पसंद छा.
और नरेन्द्र सिंह नेगी व प्रीतम का गीत अच्छा लगदा.
1.सुवा तेरी याद सतौन्दीन भए या ता भारी बितयोंदी.
मेरी नींद गए मेरु च्यान गए.या ता बडू सतौन्दी......
2.मन टटोला पहली मन्ख्यात देखि लय.
भला बुरा कु जरा भेद बिंग्ये लय...............
3.तुमी बोला जी, तुमारा गाँव ओवुओं की न आवौं.
तुमी बोला जी माया लौं की न लौं.
4.धरती या मेरा पहाड़ की कत्गा रुओतेली स्वंडी छा....
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मेरु नौ सुखवीर सिंह बेलवाल छा और मै टेहरी गढ़वाल (धनोल्टी) को रंड वालो छु.मै बहुत ही इमोशनल, हंशी मजाक, व बहुत ही सिंपल पहाड़ी छु. और हमेशा दुशरो की मदद कनु चंदू छु.
महबूब की आँखों मे बड़ी बात है प्यारे.
आते है जामीन पर कभी ये चाँद सितारे.
एश उम्र मे बन जाए गी कोई तो कहानी.
तनहा नही कटती ये मद्होश जवानी.
मिलते नही नसीबो से ये बाँहों के साए.
महबूब कीं आँखों मे बड़ी बात है प्यारे.
बन जावूँ किशी का किशी को अपना बना लो.
पलकों के झरोखौ मे कोई सपना सजा लो.
यादो मे खोये रहो सारे जहाँ जो भूल के.
जुल्फों तले सोया रहो भीगे लबो को चूमके.
नजरो मे बाशा लो सभी रगीन नज़ारे.
महबूब की आँखों मे बड़ी बात है प्यारे .
ज़िन्दगी को बिना प्यार कोई कैसे गुजारे.................................
मै तुझे भूलकर भुलोऊ भी तो कैसे
तू तो मेरी यादौ मे है
तेरी तस्वीर मेरी आँखों मे है
अब मे किशी और को देखो भी कैसे
तू तो मेरे ख्वबो मे है.
(किलया की प्यार बिना ज़िन्दगी अधूरी छा)
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दोस्ती नाम नहीं सिर्फ़ दोस्तों के साथ रहने का.
बल्कि दोस्त ही जिन्दगी बन जाते हैं, दोस्ती में.
जरुरत नहीं पडती, दोस्त की तस्वीर की.
देखो जो आईना तो दोस्त नज़र आते हैं, दोस्ती में..
यह तो बहाना है कि मिल नहीं पाये दोस्तों से आज.
दिल पे हाथ रखते ही एहसास उनके हो जाते हैं, दोस्ती में.
नाम की तो जरूरत हई नहीं पडती इस रिश्ते मे कभी.
पूछे नाम अपना ओर, दोस्तॊं का बताते हैं, दोस्ती में.
कौन कहता है कि दोस्त हो सकते हैं जुदा कभी..
दूर रह्कर भी दोस्त, बिल्कुल करीब नज़र आते हैं, दोस्ती में.
सिर्फ़ भ्रम हे कि दोस्त होते है अलग-अलग.
दर्द हो इनको और, आंसू उनके आते हैं दोस्ती में.
माना इश्क है खुदा, प्यार करने वालों के लिये अभी.
पर हम तो अपना सिर झुकाते हैं, दोस्ती में.
और एक ही दवा है गम की दुनिया में क्योंकि..
भूल के सारे गम, दोस्तों के साथ मुस्कुराते हैं, दोस्ती में.
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एक कमजोर कड़ी सारे ढांचे को ढहा सकती है.
एक कुटिल बुद्धि दुनिया को हिला सकती है.
सदविचार व्यक्ति को बुलंदियों पर पहुंचा देते हैं.
कुविचार,ओछी मानसिकता गर्त में पहुंचा सकती है.
दिल में स्वार्थ हो ईर्ष्या भर गई हो
ऐसे में तो केवल आग की ही संभावना रहती है.
सच और झूठ दो अलग-अलग धाराएं हैं
सच तो दब जाता है, दबंग झूठ अपना काम कर जाता है.
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